मशहूर पुलिस अधिकारी SSP समर ज्वालाबाद में गैंग वॉर से लड़ते हैं, और फिर उनका सामना कबीर से होता है—जो कभी उनके प्रशंसक थे, लेकिन अब दुश्मन बन चुके हैं। कर्तव्य, परिवार और प्रतिष्ठा के बीच छिड़ी इस ज़बरदस्त सत्ता की लड़ाई में उनकी साख और न्याय तथा बदले के बीच की बारीक लकीर की कड़ी परीक्षा होती है।
मशहूर पुलिस अधिकारी SSP समर ज्वालाबाद में गैंग वॉर से लड़ते हैं, और फिर उनका सामना कबीर से होता है—जो कभी उनके प्रशंसक थे, लेकिन अब दुश्मन बन चुके हैं। कर्तव्य, परिवार और प्रतिष्ठा के बीच छिड़ी इस ज़बरदस्त सत्ता की लड़ाई में उनकी साख और न्याय तथा बदले के बीच की बारीक लकीर की कड़ी परीक्षा होती है।