मुंबई क्राइम ब्रांच की सबसे कम उम्र की डीसीपी, रीटा फरेरा, दफ़्तर की पितृसत्तात्मक सोच और अपने इम्पोस्टर सिंड्रोम से लड़ते-लड़ते एक ऐसी जाँच में उलझ जाती हैं, जो उन्हें एक बेरहम कातिल के खिलाफ खड़ा कर देती है।
मुंबई क्राइम ब्रांच की सबसे कम उम्र की डीसीपी, रीटा फरेरा, दफ़्तर की पितृसत्तात्मक सोच और अपने इम्पोस्टर सिंड्रोम से लड़ते-लड़ते एक ऐसी जाँच में उलझ जाती हैं, जो उन्हें एक बेरहम कातिल के खिलाफ खड़ा कर देती है।